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Thursday, December 31, 2015

ग़ुज़ारिश है कि जलाया न कर युं खत मेरे,
हर खत मे मैं ने तेरा नाम लिखा है.

Wednesday, December 30, 2015

तुझे मालूम नही शायद दर्द ए दिल मेरा,
कभी तो उन जलते हुए खतों की तपिश मेहसूस की होती.

Tuesday, December 29, 2015

मेरी गेहराई का अंदाज़ा न लगा ऐ बेखबर,
जिस दिन छलकुँगा सारा शहर डूबा ले जाऊँगा.

Monday, December 28, 2015

युं ही नही बनता शायर कोई,
शायरी वो मरहम है जो हर ज़ख्म भर देती है.

Sunday, December 27, 2015

हसा के रुलाने मे क्या मज़ा है,
याद कर के भूलाने मे क्या मज़ा है,
आज तक न समझ पाए हम राज़ बेवफाई का,
कि आखिर दिल लगा के दिल तोड़ जाने मे क्या मज़ा है.

Saturday, December 26, 2015

इन खाली आंखों मे ख्वाब थे कई हर ख्वाब मे चेहरा तेरा था,
मैं ने तो रौशन किये कईयों के दिल न जाने तेरे दिल मे क्युँ इतना अँधेरा था,
तुने कुछ युं बदनाम किया मुझे ज़माने के आगे कि अब तुझ पर क्या इल्ज़ाम लगाऊँ बेवफाई का,
शायद ये जमाना नही जानता कि तुझ से मोहब्बत की ये क़सूर मेरा था.

Friday, December 25, 2015

मैं रोया तो तुझे हसाने के लिये,
तेरी ज़िंदगी से हर ग़म दूर भगाने के लिये,
तु जी रही थी शायद बेवफाई मे हरदम,
मैं जीया भी तो सिर्फ तुझे पाने के लिये.

Thursday, December 24, 2015

खयाल तेरा अक़्सर मुझे दीवाना बनाता है,
मेरे इस मासूम से दिल को आशिक़ाना बनाता है,
और कोई जादू नही है इन लफ्ज़ों मे मेरे,
तेरा खयाल है जो हर लफ्ज़ को शायराना बनाता है.

Wednesday, December 23, 2015

इन खुश्क निगाहों मे आज ये नमी कैसी है,
सब कुछ पा कर भी न जाने ये कमी कैसी है,
हम उसकी ख्वाहिश करतें हैं जो हमारा ही नही,
फिर उसे पाने की ये खुशफेहमी कैसी है.

Tuesday, December 22, 2015

तलब नही है हमे शोहरत की हमे गुमनामी पसंद है,
तेरे इश्क़ मे हम बदनाम ही सही हमे बदनामी पसंद है.

Monday, December 21, 2015

लौट के आना अब मुमकिन नही है मैं मोहब्बत मे इतनी दूर निकल आया हुं,
जाने कितनी ठोकरें लगीं तब जा के ये मुक़ाम हासिल कर पाया हुं,
अब न तु है और ना ही तेरी यादें दिल मे बची हैं ऐ बेवफा,
मैं वक़्त के मरहम से तेरे दिये हर ज़ख्म भर आया हुं.

Sunday, December 20, 2015

तुझे खुदा मान कर हम ने इबादत की थी,
तेरे खातिर सारी क़ायनात से बग़ावत की थी,
तुने बेवफाई कर के कौन सी मिशाल क़ायम कर दी मोहब्बत की,
फिर भी तु केहती है कि मैं ने मोहब्बत की थी.

Saturday, December 19, 2015

इन हसीन चेहरों के पीछे छुपा राज़ हम न जानते थे,
पर मोहब्बत मे ठोकर खा कर हर चेहरा पढना सिख गए.

Friday, December 18, 2015

लोग अक़्सर हमारी शक़्ल देख कर हमारी फितरत का अंदाज़ा लगाते हैं,
वो हम से जुड़ कर भी हमे समझ नही पाते हैं,
जो करते नही हम से मोहब्बत कभी,
वो भी न जाने क्युँ हमे ही बेवफा बताते हैं.

Thursday, December 17, 2015

तु मोहब्बत है मेरी ये इत्तेफाक़ ही सही,
तु इबादत है मेरी ये इत्तेफाक़ ही सही,
कुछ युं रिश्ता है तेरा मेरी साँसों के साथ,
तु ज़रूरत है मेरी ये इत्तेफाक़ ही सही.

Wednesday, December 16, 2015

बेवफा हम न थे और ना ही बेवफाई हमारी फितरत थी,
तुझे बेपनाह चाहना बस यही हमारी आदत थी,
हमे भी ग़वारा न था तुझ से जुदा हो कर युं तन्हाइयो मे रोना,
तुझ से बिछड़ना पडा क्युँ कि तु किसी और की ज़रूरत थी.

Tuesday, December 15, 2015

कोशिश करने वालों की हार नही होती,
किसी एक लड़के के लिये लड़कियों की भरमार नही होती,
और बेवक़ूफ़ हैं वो लड़के जो हर एक लड़की पे दिल ले आते हैं,
वो भूल जाते हैं कि हर इक हसीना दिलदार नही होती.

Monday, December 14, 2015

हम वो सितारे हैं ग़र्दिश मे खोए हुए जिनकी औकात नही चाँद पाने की,
पर क्या करें ज़िद है हमारी ये अपनी क़िस्मत आज़माने की.

Sunday, December 13, 2015

ग़र इरादों मे दम हो तो हर मुस्किल आसान हो जाती है,
वरना तो हर ग़म से पेहचान हो जाती है.

Saturday, December 12, 2015

जो दिल धड़कता था तेरे लिये वो दिल तोडा है तुने,
जो साँसें चलतीं थीं सिर्फ तेरे लिये उनसे मुँह मोडा है तुने,
अब बाकी नही है आँसु भी रोने की खातिर,
रातों की तन्हाई मे हमारी आंखोँ को खूब निचोडा है तुने.

Friday, December 11, 2015

टूटे हुए दिल का दर्द भूलाना सिख गए,
हम अपनी बात दिल मे दबाना सिख गए,
लोगों ने आज़माया बहुत हमे इश्क़ की आड मे,
अब हम भी औरों को आज़माना सिख गए.

Thursday, December 10, 2015

बुरा नही है वो जिसने दिल तोडा हमारा,
अरे बुरे तो हम थे जो उसकी लत लगा बैठे.

Wednesday, December 9, 2015

हम सोचते थे कि इश्क़ का मज़ा भी तु है,
पर अब जान गए कि दिल लगाने की सज़ा भी तु है,
लोग पुछा करते हैं अक़्सर मुस्कुराने की वजह मुझ से,
अरे मेरी तो खामोशी की वजह भी तु है.

Tuesday, December 8, 2015

याद है हमे वो तेरा मेहफिल मे आना,
भोली भाली सूरत बना कर दिल चुराना,
कभी दिल टूटा होता तब तुझे क़दर होती प्यार की,
क्या आदत है तेरी ये दिल लगा कर दिल तोड़ जाना.

Monday, December 7, 2015

हम भूल के अपनी दुनिया बस उसे क़ायनात बना बैठे,
मान कर खुदा अपना उसे हम अपने दिल मे बसा बैठे,
कुछ युं खोए गेहराइयों मे इश्क कि अंदाज़ा ही न रहा हमे,
न जाने कब जुल्फिकार हम एक बेवफा से दिल लगा बैठे.

Sunday, December 6, 2015

वो उनका मेहफिल मे आना पसंद है,
वो हम से दिल लगाना पसंद है,
शरमा जाते हैं अक़्सर वो हमे देख कर,
वो उनका नज़रें चुराना पसंद है.

Saturday, December 5, 2015

भूल मेरी ही थी जो अपनी कमी को उससे पुरा करना चाहा,
ज़िंदगी से मिले ज़ख्मों को हम ने भरना चाहा,
हम उल्फत मे कुछ समझ ही न पाए थे,
जो एक पत्थर दिल मे उतरना चाहा.

Friday, December 4, 2015

रुलाते हैं वो हमे जो कभी बेक़रार रेहते थे हमारे दिल का हाल जानने के लिये,
कभी अंजान न थे वो हम से पर आज इनकार करते हैं हमे पेहचानने के लिये,
न जाने कितने तोहफ़े दिये हैं हम ने उन्हे घुश के तौर पर,
वो रिस्वत भी लेते हैं तो मोहब्बत मे हमे अपना मानने के लिये.

Thursday, December 3, 2015

अपना बना के गैरों की तरह पेश आते हैं वो,
हो के खुद बेगाना हमे बेगाना बताते हैं वो,
न जाने क्या मिलता है उन्हे दिल हमारा तोड़ कर,
फिर भी कर के बेवफाई दिल दुखाते हैं वो.

Wednesday, December 2, 2015

हर जानने वाला अंजाना बन जाता है,
किसी से दिल लगाना दिल दुखाना बन जाता है,
इसे क़िस्मत कहुँ या बदक़िस्मती मेरी,
मोहब्बत का गीत दर्द का तराना बन जाता है.

Tuesday, December 1, 2015

वो अपनो का बेगाना बनाना याद है,
दिल लगा के दिल तोड़ जाना याद है,
केह न पाए कभी हम अपने दिल की बात उनसे,
वो दिल की बात दिल मे दबाना याद है.

Monday, November 30, 2015

कभी खुश होते थे हम जिसे देख कर उसने आज रुलाया बहुत है,
जिसे केहते थे हम ज़िंदगी अपनी उसने मौत के क़रीब लाया बहुत है,
परखना नही चाहा कभी उसे ये ऐतबार था हमारा,
और उस बेवफा ने तो हमे आज़माया बहुत है.

Sunday, November 29, 2015

साथ निभाया नही और निभाने न दिया,
कभी हमे अपने क़रीब आने न दिया,
खो गए हम बडी सिद्दत से मोहब्बत मे उनकी,
और उन्हो ने कभी हमे उन्हे पाने न दिया.

Saturday, November 28, 2015

तेरी ज़ुल्फों की काली बदलियों मे कहीं खो जाने को जी चाहता है,
तेरी गोद मे सर रख कर फिर सो जाने को जी चाहता है,
एक बार जो डूबे तेरी इन झील सी निगाहों मे ऐ सनम,
तो फिर कभी इन से बाहर न जाने को जी चाहता है.

Friday, November 27, 2015

हमे तो भूला दिया हमारी यादों को कैसे भूलाओगी,
हमे रुला कर मन नही भरा जो हमारी यादों को भी रुलाओगी,
कितनी मुस्किल से हासिल होती है सच्ची मोहब्बत इस बेदर्दी दुनिया मे,
ये मोहब्बत मे ठोकर खा कर तुम खुद जान जाओगी.

Thursday, November 26, 2015

कभी क़ज़ा नही की मैंने नमाज़ ए मोहब्बत कि हर वक़्त ज़ुबां पे तेरा नाम हुआ करता था,
तेरा हर ग़म मिल जाए मुझे और तेरे चेहरे पे मुस्कान रहे मैं रब से बस यही दुआ करता था.

Wednesday, November 25, 2015

शौख नही है मुझे अपना क़त्ल करवाने का,
बस उसकी क़ातिलाना नज़रों की बात ही कुछ और है.

Tuesday, November 24, 2015

कर के एक बेवफा से मोहब्बत हम दिल मे दर्द जगा बैठे,
जब छोड़ गइ वो तन्हा हमे तो आँसुओं से दिल लगा बैठे.

Monday, November 23, 2015

हम तो न थे इस दुनिया के दीवाने हम जीते थे अपनी क़ायनात मे,
वो क़ायनात ही दूर हो गइ हम से और दे गइ बेवफाई सौगात मे.

Sunday, November 22, 2015

नाम पता कुछ याद नही बस उनकी तस्वीर दिल मे बसाए हैं,
कुछ युं समझ लिजिये कि नज़रों के रास्ते दिल मे उतर आए हैं.

Saturday, November 21, 2015

तेरी हर बेरुखी मंज़ूर थी हमे बस तेरा साथ चाहते थे,
दबी थी जो दिल मे कहीं हमारे वो दिल की बात चाहते थे,
तु दुनिया थी हमारी ये केहना ग़लत नही होगा,
हम तो बस बाहों मे अपनी क़ायनात चाहते थे.

Friday, November 20, 2015

मुस्कुरा कर सहे हैं हर ग़म तेरे तु कभी तो हमारा हाल पुछ लिया कर,
हमे तो न दे सकी तु कम से कम हमारी यादों को तो वक़्त दिया कर.

Thursday, November 19, 2015

फितरत है दिल की मचलना ये मचल ही जाता है,
फिर सँभालो कितना भी ये सँभल नही पाता है,
नही देखी होगी खुद की शक़्ल किसी आइने मे जिसने,
उसे फिर हर आइने मे अपना यार नज़र आता है.

Wednesday, November 18, 2015

चाहते हैं कितना उन्हे ये हम से बताया न गया,
हम ने दिया अपना दिल उन्हे पर कभी ये एहसान जताया न गया.

Tuesday, November 17, 2015

हम खोए उनमे कुछ इस तरह कि अंदाज़ा न रहा गेहराई का,
जुडे कुछ इस कदर उनसे कि नाम दे दिया हमे परछाई का.

Monday, November 16, 2015

आज भी दिल के वीराने मे तेरी याद है,
चाह कर भी भूल न सके बस यही फ़रियाद है.

Sunday, November 15, 2015

इश्क खो कर पाने को केहते हैं,
दिल से दिल लगाने को केहते हैं,
इश्क को समेटना मुमकिन नही,
अरे इश्क तो हद से गुज़र जाने को केहते हैं.

Saturday, November 14, 2015

हमारी फितरत मे नही दिल तोड़ना,
वरना दिल के मरीज़ हज़ार होते.

Friday, November 13, 2015

हम नज़रों से इज़हार करते रहे,
दिल ही दिल मे उनसे प्यार करते रहे,
वो चल दिये किसी और को अपना बनाकर,
और हम उनका इंतज़ार करते रहे.

Thursday, November 12, 2015

मैं पढने चला था मोहब्बत की क़िताब उसे चिराग समझ कर,
पर ये भूल गया की अक्सर चिरागों के तले अँधेरा हुआ करता है.

Wednesday, November 11, 2015

हमे ग़वारा नही उनसे जुदा होना पर उनकी खुशी के खातिर हम ये भी सेह जाते हैं,
बैठा के रखते हैं पलकों पे उन्हे और आँसुओं के सैलाब मे हम खुद बेह जाते हैं.

Tuesday, November 10, 2015

हम ने माँगी थी क़ैद मोहब्बत मे,
तुने आज़ाद कर के सज़ा ए मौत दे दी.

Monday, November 9, 2015

कोई शिक़वा नही है उनसे बस इतनी ही फ़रियाद करते हैं,
उन्हे शायद हम याद नही पर हम आज भी दुआओं मे उन्हे याद करते हैं.

Sunday, November 8, 2015

जिनके पास दिल नही वो किसी को क्या दिल मे बसाएंगे,
जो खुद अपनों के नही वो हमे क्या अपना बनाएंगे.

Saturday, November 7, 2015

हर शाम तेरी याद ले कर आती है,
हर मंज़र को कुछ हसीन बना जाती है,
ख्वाबों मे कभी दीदार नही किया तेरा,
अरे कमबख्त अब नींद ही कहाँ आती है.

Friday, November 6, 2015

चाँद कहुँ या आफताब कहुँ,
हुस्न की खुली किताब कहुँ,
डूबा हुं कुछ इस कदर तेरी निगाहों मे,
कि समझ नही आ रहा इन्हे समुन्दर कहुँ या सैलाब कहुँ.

Thursday, November 5, 2015

दिल टूटा है मेरा शायद आवाज़ तुझ तक़ भी आई होगी,
न जाने वो आवाज़ तु किस तरह सेह पाई होगी.

Wednesday, November 4, 2015

दूर हो कर भी पास है,
ज़िंदगी जीने का एहसास है,
तक़दीर मे होगा तो फिर मिलेंगे,
अब तो मेरे जीने की यही आस है.

Tuesday, November 3, 2015

जान केहते थे हमे पर कभी हमे अपनी ज़िंदगी बनाया ही नही,
उतर गए वो ज़हन मे हमारे पर कभी हमे अपने दिल मे बसाया ही नही,
आज भी हम तरसते हैं हम मोहब्बत को उनकी ऐ जुल्फिकार,
हम दूर न जा सके उनसे और वो कभी क़रीब आया ही नही.

Sunday, November 1, 2015

न जाने कितनी शराबें मिलाई होंगी,
तब जाके खुदा ने ये नशीली आंखें बनाई होंगी.

Saturday, October 31, 2015

किसी को अपने दिल मे बसाना भी मोहब्बत है,
दूर हो कर क़रीब आना भी मोहब्बत है,
और सिर्फ मोहब्बत को दुनिया बना कर जीना नही होता,
कभी कभी अपनी दुनिया भूलाना भी मोहब्बत है.

Friday, October 30, 2015

मन के कोरे क़ागज़ पे लिख के अपना नाम फिर मिटाने को केहते हैं,
दिल मे बसा के अपनी याद फिर भूल जाने को केहते हैं,
उनके लिये तो शायद इश्क भी एक मज़ाक सा है ऐ जुल्फिकार,
जो दिल तोड़ के किसी और के साथ दिल लगाने को केहते हैं.

Thursday, October 29, 2015

हमसे जो दिल लगाए ऐसे दिलदार की तलाश थी,
हमे समझ सके जो ऐसे यार की तलाश थी,
उसने नही समझा इश्क हमारा ऐ जुल्फिकार,
अरे हमे तो सिर्फ सच्चे प्यार की तलाश थी.

Wednesday, October 28, 2015

हम भी किसी के रुलाए हुए हैं,
किसी की यादों के सताए हुए हैं,
लोगों को शायद अंदाज़ा नही हमारी गेहराई का,
हम अपने अंदर कइ राज़ दबाए हुए हैं.

Tuesday, October 27, 2015

वादा किया और निभाया भी नही,
दिल लगाया पर पास आया भी नही,
हमे तो हररोज़ तेरी यादें रुलाती हैं,
क्या मेरी यादों ने तुझे सताया भी नही.

Monday, October 26, 2015

तुझे साथ निभाना नही आता,
इश्क मे दिल लगाना नही आता,
तेरे लिये तो भूलाना आसान था,
मगर हमे किसी को भूलाना नही आता.

Sunday, October 25, 2015

काश तुने अपनी निगाहों से जाम न पिलाया होता,
तो शायद शराबी बनने का शौक़ मुझे न आया होता.

Saturday, October 24, 2015

सुलझा के उलझाना कोई तुमसे सिखे,
लोगों के दिल मे जगह बनाना कोई तुमसे सिखे,
अरे हमे तो आता है हुनर दिल लगाने का,
धड़कन बनकर दिल तोड़ जाना कोई तुमसे सिखे.

Friday, October 23, 2015

नज़रों का ही तो सारा क़ूसूर था,
दिल पास हो कर भी न जाने क्युँ दूर था,
हम भी चाहते थे तेरे दिल मे रेहना मगर,
ये दिल तुझे खो न दे इस डर से मजबूर था.

Thursday, October 22, 2015

तुझे अपनी ज़िंदगी बनाया था,
कभी हम ने भी अपना प्यार आज़माया था,
तुने तोडा जिसे एक दिल समझ कर,
उसी दिल मे हम ने तुझे बसाया था.

Wednesday, October 21, 2015

हम ने तो अपना मान लिया उन्हे उन्हों ने हमे अपना माना ही नही,
हमारे दिल का हाल समझने वाले ने हमारा प्यार जाना ही नही,
वो ढूँढते रहे मोहब्बत को शहर भर मे ऐ जुल्फिकार,
अफ़सोस उन्हों ने हमारी मोहब्बत को पेहचाना ही नही.

Tuesday, October 20, 2015

मुँह मोड़ना फितरत है उनकी,
दिल तोड़ना आदत है उनकी,
हम करते रहे वफ़ा की उम्मीद उनसे,
बाद मे जाना कि बेवफाइ शराफत है उनकी.

Monday, October 19, 2015

वो भूल गए हमे लेकिन हम उन्हे न भूला पाए,
उन्हे तो शायद याद भी नही शक़्ल हमारी लेकिन हमे तो हर चेहरे मे वो नज़र आए.

Sunday, October 18, 2015

ज़िंदगी तो अपनी हो कर भी बेगानी है,
जो तु नही तो ज़िंदगी एक अधूरी कहानी है,
साथ तेरा सुकून देता है दिल को,
मुझे तो सारी ज़िंदगी तेरे साथ बितानी है.

Saturday, October 17, 2015

तुझे तो हम बेमिशाल समझते थे काश तु भी हमे बेहतर समझती,
हम ने तेरे साथ हर सफ़र तय किया काश तु हमे हमसफ़र समझती.

Friday, October 16, 2015

समझते तो सब कुछ थे वो पर ऐतबार नही था हम पर,
हम तो उन्हे बेपनाह चाहते थे उन्हे प्यार नही था हम पर.

Thursday, October 15, 2015

अरे दिल होता तो दिल का हाल समझते,
काश तुम हमे भी बेमिशाल समझते,
हम ने तो चल दीं कइ चालें दिल की शतरंज मे,
काश तुम भी कभी हमारे दिल की चाल समझते.

Wednesday, October 14, 2015

साथ निभाना था साथ निभाया बहुत,
हम ने उस बेवफा से दिल लगाया बहुत,
आज वो रो रही होगी हमारे प्यार को,
कभी उस ने भी हमे रुलाया बहुत.

Tuesday, October 13, 2015

दिल कांच का हो या पत्थर का उन्हे सिर्फ तोड़ना आता है,
पेहले लगाते हैं दिल फ़िर मुँह मोड़ना आता है,
उन्हे तो ज़िंदगी भी चंद लम्हों की मेहसूस होती है,
जिन्हे बिच सफ़र मे साथ छोड़ना आता है.

Monday, October 12, 2015

दुनिया मेरी आबाद न होती तो दिल परिन्दों सा आज़ाद न होता,
गर चले न होते तीर नज़रों से तो शायद मैं बरबाद न होता.

Sunday, October 11, 2015

कभी हमारे दिल मे झांका होता तो युं हमारा दिल न तोड़ती,
पगली हम तो दिल मे तेरी तस्वीर बसाए फिरते थे.

Saturday, October 10, 2015

हमे गैर क्या मारेंगे हम तो अपनो के मारे हैं,
कभी हम ने भी किसी के लिये ज़मीं पर चाँद तारे उतारे हैं,
वो बात और हुई कि उसे मोहब्बत न थी हमसे,
पर हम आज भी ज़िंदा उसकी यादों के सहारे हैं.

Friday, October 9, 2015

कभी हम लड़खडाए थे इश्क मे आज शराब के नशे मे चूर गिरते हैं,
और एक वो हैं कि हमे दर्द ए दिल दे कर खुद मासूम बने फिरते हैं.

Thursday, October 8, 2015

युं न पिलाओ जाम आंखों से क्या मुझे शराबी बनाने का इरादा है,
जाम तो मैखानों मे भी है पर आप की आंखों मे नशा कुछ ज़्यादा है.

Wednesday, October 7, 2015

जब मोहब्बत थी तुझसे तब भी तु साथ थी और अब भी बाकी मुझ मे तेरा वजूद है,
दिल मे रेहती थी कभी आरज़ू बन कर पर अब भी तु मेरे अस्कों मे मौजूद है.

Tuesday, October 6, 2015

पेहले हसना सिखा के बाद मे रुलाया क्युँ,
जाना ही था गर दूर तो पास आया क्युँ,
ख्वाब दिखा के तोड़ने मे क्या मज़ा आता है तुझे,
जब तोड़ना ही था दिल मेरा तो फिर दिल लगाया क्युँ.

Monday, October 5, 2015

औरों से करती है बातें हंस कर तु हमे न युं तरसाया कर,
हम भी करना चाहते हैं ग़ुफ्तग़ु तुझसे चंद लफज़ों के लिये न तड़पाया कर,
तेरे इक दीदार के लिये हम तेरे घर के बाहर तेरा इंतज़ार करते थकते नही,
हमारे दीदार को ना सही किसी और ही बहाने से तु हमारी गली भी तो आया कर.

Sunday, October 4, 2015

तेरी झुकी नज़रों का इक़रार अच्छा लगता है,
तेरा शरमा के किया इज़हार अच्छा लगता है,
युं तो तेरी हर इक अदा है इश्क के क़ाबिल,
पर मुझे तेरा बेइंतहा प्यार अच्छा लगता है.

Saturday, October 3, 2015

ठोकर लगी जो रास्तों मे कभी तो राह चलना आ गया,
गुज़रे जो बेवफा की गली से तो गिर के सम्भलना आ गया,
लगी हैं इतनी चोटें चलके राहे मोहब्बत पर,
कि अब तो हर ज़ख्म ए यार पर मरहम मलना आ गया.

Friday, October 2, 2015

उसे देख कर मेरे बाग़ी दिल ने कुछ इस तरह बग़ावत की थी,
कि इन ग़ुस्ताख निगाहों ने भी उसकी जानिब हरक़त की थी,
मलाल तो रहेगा हर दम कि हम ने चाहा भी तो एक बेवफा को,
लेकिन केह सकेंगे कि कभी हम ने भी किसी से मोहब्बत की थी.

Thursday, October 1, 2015

हम ने जिसे माना था अपना रब वही हमसे जुदा हो गए,
हमे दर्द ए दिल दे कर वो खुद तलाश ए खुदा हो गए.

Wednesday, September 30, 2015

वो चालाक ज़रूर थी पर नही जानते थे कि होगी वो इतनी शातिर,
दिल तो चुराया ही था हमारा पर आँसु भी न छोडे रोने की खातिर.

Tuesday, September 29, 2015

दिल थम गया साँसें भी रुक गइं न जाने क्या जान की आफत हो गइ,
खोया रेहता हुं खयालों मे किसी के लगता है कि मुझे भी मोहब्बत हो गइ.

Monday, September 28, 2015

भले ही वो कुछ कहे या न कहे आंखें उसकी ये इज़हार करती हैं,
कि उसे हम से मोहब्बत है कितनी इस बात का इक़रार करती हैं,
नज़रें तो हमारी भी दीवानी हो गइ हैं मोहब्बत मे ऐ जुल्फिकार,
जो उसी के दीदार को चाहती हैं उसकी हर इक अदा से प्यार करती हैं.

Sunday, September 27, 2015

तुम तो वो बला हो जो पानी को भी शराब कर दे,
अरे तुम्हारा युं देखना किसी की नियत न खराब कर दे.

Saturday, September 26, 2015

दर्द तो बहुत हुआ जब तुने हमारा दिल तोड़ दिया,
जब तक चाहा इश्क लड़ाया फिर बाद मे मुँह मोड़ दिया,
पेहले तो बहुत जगाया तुने हमे नींदों मे आकर,
पर अब हम ने भी तेरे ख्वाब देखना छोड़ दिया.

Friday, September 25, 2015

तेरी ये क़ातिलाना नज़रें क़त्ल सरेआम करती हैं,
एक ही नज़र मे हज़ारों को घायल करने का काम करती हैं,
इन्हे क्या खौफ़ हो सकता है किसी बदनामी का,
ये तो शरिफों को भी छिछोरा बना कर बदनाम करती हैं.

Thursday, September 24, 2015

तुझे ख्वाब कहुं या हक़ीक़त तेरी हर इक अदा नायाब है,
तेरा चेहरा जैसे कमल कोई तेरे होंठ जैसे गुलाब है,
लगता है कि खुदा ने भी बडी फुरसत से बनाया होगा तुझे,
शायद तु ही मेरे दिल के हर सवालों का जवाब है.

Wednesday, September 23, 2015

आज आंखें नम हैं मेरी और शायद नमी उसकी आंखों मे भी होगी,
फर्क सिर्फ इतना है कि मैं रो रहा हुँ और वो मुस्कुरा रही होगी.

Tuesday, September 22, 2015

तेरी आंखें हैं या जाम कोई जिन्हे पीने को जी करता है,
बना के तुझे अपनी ज़िंदगी फिर जीने को जी करता है.

Monday, September 21, 2015

हम आज भी वहीं बैठे हैं उसके इंतज़ार मे,
मिलेगी तब पुछुँगा क्युँ धोखा दिया हमे प्यार मे.

Sunday, September 20, 2015

कभी हम डूबे थे तेरी आंखों को झील समझ कर पर हासिल न हुआ कुछ उनमे,
आज जा रहे हैं डूबने इस समुन्दर मे शायद मौत ही हासिल हो जाए इस धून मे.

Saturday, September 19, 2015

मत बन किसी का रब मत खेल किसी के जज़्बातों से,
मत तोड़ किसी का दिल पेहले लुभा के मीठी बातों से,
आज हम पे क्या गुज़र रही है ये तु नही जानता शायद,
पर याद रखना कभी तु भी गुज़रेगा इन हालातों से.

Friday, September 18, 2015

मेरे दिल की हर धड़कन मे तेरा ही अक्स है,
जिसे ढूँढती है मेरी निगाह शायद तु ही वो शख्स है.

Thursday, September 17, 2015

कभी हम ने भी बिछाए थे किसी के राहों मे फूल और उसने हमे काँटों पे सुला दिया,
हम बिना रोए सेहते रहे हर ग़म ज़िंदगी के और उसने दर्द ए दिल दे कर हमे रुला दिया,
जो कल तक हमे अपना सब कुछ मानते थे आज वो हम से मिलते हैं गैरों की तरह,
हम न भूला सके उसकी वो बेरुखी पर उसने पल भर मे ही हमारा प्यार भूला दिया.

Wednesday, September 16, 2015

घायल हम अकेले नही तेरे हुस्न के मारे और भी हैं,
जिन्हे दिखाया हो तुने झूठा प्यार ऐसे प्यारे और भी हैं,
सिर्फ शराब ही नही होती जीने का सहारा दर्द ए दिल मे,
ये तो लोग भूल गए हैं कि जीने के सहारे और भी हैं.

Monday, September 14, 2015

प्यार का नाम न ले क्युँकि तुझे प्यार करना नही आता,
जान तो ले ली हमारी मगर हम पे मरना नही आता,
जो जगह उस रब की खाली थी दिल मे वहाँ बसाया था तुझे,
पर अफ़सोस कि तुझे उस खाली जगह को भरना नही आता.

Sunday, September 13, 2015

तेरी नशीली आंखों के जाम पी कर कुछ युं लड़खडाए हैं,
कि चाह कर भी अब तक सम्भल न पाए हैं.

Saturday, September 12, 2015

युं न देखो इन क़ातिल निगाहों से हमे कि इनके वार दिल मे उतर जाते हैं,
ये सिर्फ हम ही जानते हैं कि हम किस तरह इनके वार सेह पाते हैं,
कभी हमारी नज़रों को गवारा नही था कि हम ख्वाब देखें किसी के,
अब ये हाल है हमारा कि हमे तो सिर्फ तुम्हारे ही ख्वाब नज़र आते हैं.

Friday, September 11, 2015

कुछ एहसास दिल मे जगते हैं कुछ बात ज़हन मे आती है,
लिखता हुं अल्फाज़ों मे उन्हे और शायरी बन जाती है.

Thursday, September 10, 2015

इश्क मेरा क़ूबुल न था उन्हे वरना मैं भी आशिक़ पुराना था,
दम कितना है मेरी मोहब्बत मे इसका गवाह तो सारा ज़माना था,
मुझे खो कर वो बेखबर ढूँढ रहे हैं मुझे आज मेरे ही शहर मे,
उन्हे शायद याद नही कि कभी मेरा भी उनकी गलियों मे आना जाना था.

Wednesday, September 9, 2015

तेरे इश्क मे खुद को इस कदर बरबाद कर दिया कि सारे हौसले टूट गए,
चले थे सारा शहर ले कर साथ मे हम अब तो काफिले भी पीछे छूट गए.

Tuesday, September 8, 2015

माँगा था तुझे उस रब से मैने मुरादों मे,
याद आता है तु दिल की हर फरियादों मे,
मुर्दा मान लिया तुझे जब तुने बेवफाई कि मुझ से,
आज मर कर भी ज़िंदा है तु मेरी यादों मे.

Monday, September 7, 2015

तेरे अक्स को अस्कों मे बहा दिया,
तु न रुला सकी तेरी यादों ने रुला दिया,
तुझे भूलना चाहा फिर भी न भूला पाए,
और तुने तो हमे पल भर मे ही भूला दिया.

Sunday, September 6, 2015

कभी आंखों मे नज़र आती हो कभी दिल मे उतर जाती हो,
जब भी याद आती हो न जाने मुझ पे क्या जादू सा कर जाती हो,
जब देखता हुँ तुम्हे ये मन मेरा नाच उठता है,
मेरे इस दिल को तुम खुशियों से भर जाती हो.

Saturday, September 5, 2015

वो क्या समझेंगे कि इश्क क्या होता है जिन्हे फुरसत नही बेवफाई से,
आज तन्हा कर दिया उन्हो ने हमे कभी वो भी वाक़िफ़ होंगे तन्हाई से.

Friday, September 4, 2015

दर्द इस बात का नही कि तु बेवफा निकली दर्द तो इस बात का है कि इन नज़रों ने धोखा दिया,
जिसे सिर्फ दिल तोड़ना आता था उसी से दिल लगा कर उसे दिल तोड़ने का मौका दिया.

Thursday, September 3, 2015

तुमने ज़ख्म दिया हमे फिर भी हम मुस्कुराते रहे,
दर्द कितना है दिल मे ये सारी दुनिया से छुपाते रहे,
तुमने प्यार कर के कोई एहसान नही किया था हम पे,
फिर क्युँ तुम सारी दुनिया के सामने हम पे एहसान जताते रहे.

Wednesday, September 2, 2015

तुम तो धोखा दे कर भूल जाओगी हमे पर तुम्हारी याद हमे बहुत तड़पाएगी,
जब कोई न होगा तुम्हे चाहने वाला तब तुम्हे हमारी मोहब्बत याद आएगी.

Tuesday, September 1, 2015

कल तक तुने हमे चाहा आज तुझे ज़रूरत नही हमारी,
तुने धोखा दिया हमे पर धोखेबाज़ी फितरत नही हमारी,
तुझ से इश्क किया शायद यही गलती की हम ने,
वरना एक बेवफा को चाहना आदत नही हमारी.

Monday, August 31, 2015

कभी कभी जो मुद्दतों मे नही होता वो सिर्फ एक पल मे हो जाता है,
सम्भाल कर रखना इस दिल को कभी कभी एक नज़र मे ही दिल खो जाता है.

Sunday, August 30, 2015

जब उसे देखता हुं तो दर्द इस दिल मे होता है,
जब जब उसकी याद आती है ये दिल रोता है,
मुझे नींद नही आती उसकी बेवफाई को याद कर के,
और वो है कि मुझे रुला कर खुद चैन की नींद सोता है.

Saturday, August 29, 2015

इस बेदर्दी दुनिया ने पत्थर दिल बना दिया,
सेह सकुँ हर सितम इस क़ाबिल बना दिया.

Friday, August 28, 2015

दर्द ए दिल वही समझ सकते हैं जिनके सीने मे दिल होता है,
उनसे क्या उम्मीद करूँ समझने की जो खुद पत्थर दिल होता है.

Thursday, August 27, 2015

कभी सोचा न था कि ज़िंदगी मे ऐसा मोड़ आएगा,
कोई आएगा दिल मे धड़कन बनकर और दिल तोड़ जाएगा.

Wednesday, August 26, 2015

दवा तो हर मर्ज की होती है पर दर्द ए दिल की कोई सिफ़ा नही,
दगा तो लाखों ने किया पर तुझसा कोई बेवफा नही.

Tuesday, August 25, 2015

ये तेरी चाल को क्या हुआ ऐ दिल कि तु कभी लडखडाया न था,
दोस्ती के हाथ तो लाखों बढाए पर कभी प्यार का कदम बढाया न था,
उसे मिल के जाना मैने कि क्या होता है सुरूर इश्क का,
क्युंकि आज तक सबक इश्क का किसी ने पढाया न था.

Monday, August 24, 2015

ज़िंदगी का मतलब होता है औरों के लिये जीना पर हम तो औरों के लिये मरना चाहते हैं,
आज तक नही देखा किसी लडकी को आंख उठा कर पर अब हम भी किसी से मोहब्बत करना चाहते हैं.

Sunday, August 23, 2015

कल की चाहत नही है हमे हम तो आज मे जीते हैं,
ज़िंदगी को एक बार मे नही कतरा कतरा पीते हैं.

Saturday, August 22, 2015

कभी कभी झूठा प्यार भी बहुत काम आता है,
झूठा ही सही किसी के लब पे हमारा नाम आता है.

Friday, August 21, 2015

तेरी नशीली आंखों के जाम पीने दे,
कुछ अजीब नशा है इनमे इस नशे मे ही जीने दे,
युं तो फटी पडी थी किस्मत मेरी बरसों से,
तेरी तक़दीर के धागे से मेरी किस्मत को सीने दे.

Thursday, August 20, 2015

तुझे एक नज़र देखते ही मैं दीवाना हो गया,
शायर न था मैं पर तेरे इश्क मे अंदाज़ शायराना हो गया,
पेहले तो हर मौसम लगता था एक सा मुझे,
अब तो सारा आलम ही आशिक़ाना हो गया.

Wednesday, August 19, 2015

मैं हुं मुसाफिर कोई मेरी मंज़िल तु है,
मैं हुं बेहती नदी मेरा साहिल तु है.

Tuesday, August 18, 2015

तुम आए तो ज़िंदगी मे बहार आइ है,
तन्हाई का आलम था जहाँ आज वहाँ रंगीनी छाई है,
कभी किस्मत पे यक़ीन न था मुझे,
पर शायद मेरी किस्मत ही मुझे यहाँ खींच लाइ है.

Monday, August 17, 2015

क्युँ तुझे देखने को आंखें तरसती हैं क्युँ तेरे दीदार को दिल चाहता है,
आइना कोई भी हो हर आइने मे तेरा चेहरा नज़र आता है.

Sunday, August 16, 2015

कभी तारीफ़ करते थकते न थे हम उनकी कि हर तारीफ़ दिल से करते थे,
आज जुदा हो गए उनसे कभी बिछड़ने के खयाल से ही डरते थे.

Saturday, August 15, 2015

आंखें हैं तेरी नशीली तो दिल हमारा भी शराबी है,
युं पीना आदत नही हमारी ये तो कमबख्त इश्क की खराबी है.

Friday, August 14, 2015

ये इश्क का खेल भी क्या निराला है,
कभी आंखें हो जाती हैं मैखाना तो कभी हाथों मे शराब का प्याला है.

Thursday, August 13, 2015

दिल है मेरा कोई खिलौना नही जो खेला और तोड़ दिया,
प्यार है मेरा कोई हवा का झोंका नही जो जब चाहे रुख मोड़ दिया,
सोचा था कि सारी ज़िंदगी का सफ़र तेरे साथ तय करेंगे,
ये ज़िंदगी है मेरी कोई मज़ाक नही जो बिच सफ़र मे ही साथ छोड़ दिया.

Wednesday, August 12, 2015

युं तो कभी रोए न थे हम तुने बहुत रुलाया है,
ज़िंदगी ने तो सिर्फ बदन जलाया मेरा तुने तो दिल जलाया है.

Tuesday, August 11, 2015

आज भी दिल का दरवाज़ा खोल रखा है कि तु कभी लौट के आएगी,
तब न जाने दूँगा तुझे भले ही मेरी जान चली जाएगी.

Monday, August 10, 2015

जब से देखा तुझे नींद मेरी हवा हो गई,
मैं मरीज़ हो गया इश्क का और तु मेरी दवा हो गई.

Sunday, August 9, 2015

तु सिर्फ दोस्त थी मैं दिलदार समझ बैठा,
तेरे शरमाने को मैं इकरार समझ बैठा,
गलती मेरी ही थी ऐ जान ए तमन्ना,
जो तेरे मुड़ मुड़ के देखने को मैं प्यार समझ बैठा.

Saturday, August 8, 2015

प्यार बहुत था उनसे पर प्यार कितना है ये बता न सके,
वो सिखा गए बेवफाई का सबक अफ़सोस हम उन्हे प्यार करना सिखा न सके.

Friday, August 7, 2015

तु परदा करती रही और हम न जान सके,
परदे की आड़ मे तेरी हक़ीक़त न पेहचान सके.

Thursday, August 6, 2015

युं तो डरते हैं प्यार करने से कि कहीं बरबाद न हो जाएँ,
पर कहीं ये भी चाहते हैं कि कोई हमारा दिल चुरा ले जाए.

Wednesday, August 5, 2015

पतंग तो एक बहाना है उससे छत पे मिलने का पेच तो दो आंखें लडाती हैं,
मैं तो पतंग उडाता हुं डोरी से बाँध कर वो बिना डोरी के ही दिल उडा ले जाती है.

Tuesday, August 4, 2015

युं तो देर से उठने की आदत नही है हमे पर तेरी यादें रात भर सोने नही देती,
बेचैनी तो इतनी है कि आंखों से अस्क बेह जाएँगे पर तेरी यादें ही हैं जो हमे रोने नही देती.

Monday, August 3, 2015

दर्द ए दिल का छुपाना याद है,
और मेरा वो झूठा मुस्कुराना याद है.

Sunday, August 2, 2015

तुझे याद करते ही आंख मे आँसू भर आते हैं,
उन्हे छुपाने के लिये ही तो हम चस्मा लगाते हैं.

Saturday, August 1, 2015

इश्क तो बहुत है लेकिन इज़हारे इश्क से डरते हैं,
कैसे बताएँ उन्हे कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं.

Friday, July 31, 2015

तु साथ हो तो हर लम्हा जीते हैं,
ज़िंदगी के हर ग़म हस के पीते हैं.

Thursday, July 30, 2015

तुम लाख कोशिश कर लो हमे भूलाने की,
हम हर मुमकिन कोशिश करेंगे तुम्हे याद आने की.

Monday, July 27, 2015

दर पे तेरे खडे हैं तु दरवाज़ा तो खोल,
कब तक रूठी रहेगी युं मुझसे अब तो कुछ बोल.

Sunday, July 26, 2015

ग़म कितना भी छुपाउँ मैं उनसे मेरा ग़म वो जान लेते हैं,
एक दोस्त ही तो होते हैं जो भीड़ मे भी हमे पेहचान लेते हैं.

Saturday, July 25, 2015

गैरों से क्या शिक़वा करूँ जब अपने ही दगाबाज़ निकले,
भोली भाली सूरत थी जिनकी वही चालसाज़ निकले.

Friday, July 24, 2015

दोस्ती को भूलाना कितना आसान था उनके लिये कि वो किसी और की फिकर करने लगे,
पेहले तो जान छिड़कते थे दोस्तों पे अब वो किसी और पे मरने लगे.

Thursday, July 23, 2015


ज़ख्म बेवफाई का है ऐसा जो कभी भर न सके,
हम तेरे सिवा किसी और से प्यार कर न सके.

Wednesday, July 22, 2015

दर ए इश्क पे हररोज तेरा सजदा करता हुं,
जीता भी हुं तेरे लिये और तेरे लिये ही मरता हुं.

Tuesday, July 21, 2015

किसे दिखाऊं दिल चीर के कि कितना दर्द मेरे दिल मे है,
आज भी एक बेवफा की याद दिल की मेहफिल मे है.

Monday, July 20, 2015

तेरी तक़दीर के हर इक पन्ने पे मेरी तक़दीर मिलेगी,
दिल चीर के देख मेरा तुझे तेरी तस्वीर मिलेगी.