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Tuesday, October 6, 2015

पेहले हसना सिखा के बाद मे रुलाया क्युँ,
जाना ही था गर दूर तो पास आया क्युँ,
ख्वाब दिखा के तोड़ने मे क्या मज़ा आता है तुझे,
जब तोड़ना ही था दिल मेरा तो फिर दिल लगाया क्युँ.

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