मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Sunday, August 9, 2015
तु सिर्फ दोस्त थी मैं दिलदार समझ बैठा,
तेरे शरमाने को मैं इकरार समझ बैठा,
गलती मेरी ही थी ऐ जान ए तमन्ना,
जो तेरे मुड़ मुड़ के देखने को मैं प्यार समझ बैठा.
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