Search Any Post From This Blog

Thursday, November 26, 2015

कभी क़ज़ा नही की मैंने नमाज़ ए मोहब्बत कि हर वक़्त ज़ुबां पे तेरा नाम हुआ करता था,
तेरा हर ग़म मिल जाए मुझे और तेरे चेहरे पे मुस्कान रहे मैं रब से बस यही दुआ करता था.

No comments:

Post a Comment