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Sunday, November 27, 2016

दुनियादारी

लोग मशरूफ हैं बडे दुनियादारी मे जुल्फी
अब न वक्त मिलता है मिलने मिलाने के लिये

Saturday, November 26, 2016

मुस्कुराते चेहरे

देखे हैं कई चेहरे मुस्कुराते हुए
कुछ हंसते हुए तो कुछ अपना दर्द छुपाते हुए

Tuesday, November 22, 2016

हिसाब ए ईश्क़

दिल लगा के दिल के सौदागर से ईश्क़ का मुनाफा हरजाना सिख लिया
निकले थे राह ए दिल पे बेघर हो कर अब हर दिल मे ठिकाना बनाना सिख लिया
केहते थे वो कि दर्द ए दिल मे अस्क़ तेरे बेह जाएंगे जुल्फी
बदौलत उनकी हम ने हर दर्द मे मुस्कुराना सिख लिया

Tuesday, November 8, 2016

तेरा प्यार

बेहती इन आँखों का इन्तेज़ार ज़रूरी है
दिल पे धड़क़नों का ऐतबार ज़रूरी है
जी लेंगे तुझ से दूर हो कर भी ऐ सनम
हर धड़क़न में बस तेरा प्यार ज़रूरी है

Friday, November 4, 2016

दिल ए राबता

दिल से दिल जुडे कि हाल पढ लेते हैं
वो दूर से ही हमारे ख़याल पढ लेते हैं