मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Monday, September 28, 2015
भले ही वो कुछ कहे या न कहे आंखें उसकी ये इज़हार करती हैं,
कि उसे हम से मोहब्बत है कितनी इस बात का इक़रार करती हैं,
नज़रें तो हमारी भी दीवानी हो गइ हैं मोहब्बत मे ऐ जुल्फिकार,
जो उसी के दीदार को चाहती हैं उसकी हर इक अदा से प्यार करती हैं.
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