मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
Search Any Post From This Blog
Sunday, September 20, 2015
कभी हम डूबे थे तेरी आंखों को झील समझ कर पर हासिल न हुआ कुछ उनमे,
आज जा रहे हैं डूबने इस समुन्दर मे शायद मौत ही हासिल हो जाए इस धून मे.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment