मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Wednesday, December 9, 2015
हम सोचते थे कि इश्क़ का मज़ा भी तु है,
पर अब जान गए कि दिल लगाने की सज़ा भी तु है,
लोग पुछा करते हैं अक़्सर मुस्कुराने की वजह मुझ से,
अरे मेरी तो खामोशी की वजह भी तु है.
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