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Sunday, April 24, 2016

मेरी धड़कनों का फासला तुझे खलता है,
शायद तभी तु मेरी धड़कनों के बीच बसता है.

Saturday, April 23, 2016

क़िस्सा नही थी और न कोई कहानी थी वो,
जुल्फ़ीकार की दास्तान ए ज़िन्दग़ानी थी वो.

Thursday, April 21, 2016

कल तक जो अपने थे आज बेग़ाने हो गए,
अब अल्फाज़ भी मेरे सर दर्द के बहाने हो गए.

Wednesday, April 20, 2016

हुस्न सँग ए मरमर से तराश भेजा है,
लगता है खुदा ने हमारे लिये कुछ खाश भेजा है.

Friday, April 15, 2016

अपनी मोहब्बत को वो मेरी जान समझ लेते हैं,
मेरे हर दर्द को वो मेरा इम्तिहान समझ लेते हैं.

Thursday, April 14, 2016

पा के भी उसको शायद पाया नही हम ने,
दिल्लगी का एहसान जताया नही हम ने,
कुछ युं झुठलादी मोहब्बत उसने हमारी,
कि वादा इश्क़ का कभी निभाया नही हम ने.

Monday, April 4, 2016

आंखें हैं उसकी या सैलाब मोहब्बत का कोई,
हर नज़र के साथ भीग जाता हुं मैं.

Sunday, April 3, 2016

फना हो कर भी इश्क़ मे उसके दिल्लगी का माईना हो जाऊँगा,
दिखेगी जिसमे मोहब्बत जुल्फ़ीकार इश्क़ का मैं वो आईना हो जाऊँगा.