मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Friday, July 24, 2015
दोस्ती को भूलाना कितना आसान था उनके लिये कि वो किसी और की फिकर करने लगे,
पेहले तो जान छिड़कते थे दोस्तों पे अब वो किसी और पे मरने लगे.
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