Search Any Post From This Blog

Sunday, January 31, 2016

दिल के बैकडोर से तुने हमे ही हैक कर दिया,
आंखों ही आंखों मे दिल का पासवर्ड़ भी क्रैक कर दिया,
देखते ही देखते मेमरी भी ब्लोक हो गई हमारी,
ऐसा वाईरस डाला इश्क़ का कि पुरा सिस्टम ही ब्रेक कर दिया.

Thursday, January 28, 2016

किये वादे तो बहुत से पर निभाये नही है,
जो चल दिये छोड़ कर वो वापस आए नही है.

Wednesday, January 27, 2016

यादों का सिलसिला चलता रहेगा,
हर कोई अंदाज़ ए इश्क़ मे ढलता रहेगा,
हम न बदलेंगे अपना हाल ऐ ज़ालिम,
चाहे तु अपने तेवर बदलता रहेगा.

Tuesday, January 26, 2016

मुस्कुराहट को मेरी वो तरस जाएँगे,
दलदल ए इश्क़ मे ही कहीं धस जाएँगे,
यादों का तो कुछ युं होगा सिलसिला,
कि उनकी आंखों से आँसु बरस जाएँगे.

Monday, January 25, 2016


इश्क़ की बरबादियोँ मे वो अक़्सर मेरा नाम लिया करते हैं,
दरअसल वाक़्या ए इश्क़ को जो दर्दनाक अंजाम दिया करते हैं,
केहते हैं वो कि रोते हैं रात भर याद मे मेरी,
मेरे दर्द मे गिरे अस्क़ों के जो जाम पिया करते हैं.

Sunday, January 24, 2016

हमे नही चाहिये थी शोहरत मोहब्बत मे तुने बेवफ़ाई कर के मशहूर कर दिया,
हर ज़ुल्म ओ सितम मंज़ूर था हमे तेरा फिर क्युँ बेवफ़ा केह के हमे दूर कर दिया.

Saturday, January 23, 2016

उसे चाँद न कहुँ तो और क्या कहुँ,
जिसने मेरा रौशन आफ़ताब डूबा दिया.

Friday, January 22, 2016

ग़म इतना है दिल मे कि मुस्कुराया जाता नही,
एक बार जो टूट के बिखरे तो फिर दिल लगाया जाता नही,
कुछ याद धूँधली ही सही दिल मे है उसकी,
चाह कर भी उस बेवफ़ा को भूलाया जाता नही.

Thursday, January 21, 2016

कितना भूलाना चाहा हम ने लेकिन वो अक़्सर आया करते हैं,
सताते थे कभी वो हक़ीक़त बन कर अब यादों मे भी सताया करते हैं.

Wednesday, January 20, 2016

युं दिल मे न उतरा करो किसी के धड़कन बन कर,
कि अक़्सर साँसों मे रुकावट सी पैदा हो जाती है.

Tuesday, January 19, 2016


दिल औरों का तोड़ना बडा ही आसान नज़र आता है,
हर तरफ़ जनाज़ा ए मोहब्बत का सामान नज़र आता है,
क़त्ल ए आम जो हुआ है इश्क़ का बेवफाई के इस दौर मे,
कि अब तो हर किसी के दिल मे क़ब्रिस्तान नज़र आता है.

Monday, January 18, 2016

तेरे दिये ज़ख्मों से टूटे दिल को हम ने सिना सिख लिया,
तेरे हर ज़ुल्म ओ सितम को मै की तरह पीना सिख लिया,
लगा के कभी बुझा दी जो तुने शमा इश्क़ की ऐ ज़ालिम,
कि फिर हम ने भी तन्हाइयों के अन्धेरों मे जीना सिख लिया.

Sunday, January 17, 2016

केहते हैं वो कि सोए नही हैं रात भर याद मे हमारी,
निगाहों मे न तलब है दीद की और न क़तरा नींद का.

Saturday, January 16, 2016

हमे जगाकर रातों मे न वो बेफिकर सोते तो बात कुछ और थी,
जुदा हो कर उनसे न तन्हाइयों मे हम रोते तो बात कुछ और थी,
माना तो था हम ने उन्हे अपना ऐ जुल्फिकार,
अफ़सोस वो हमारे होते तो बात कुछ और थी.

Friday, January 15, 2016

बेह जाऊँगा उनके अस्क़ों मे मैं वो अपनी भीगी पलकों मे मुझे ढूँढते रेह जाएँगे,
दफ़न हो जाऊँगा इश्क़ की क़ैद मे मैं वो अपने दिल की सलाखों मे मुझे ढूँढते रेह जाएँगे,
जलाएँगे ज़रूर वो हर खत मेरा जिनके हर लफ्ज़ मे मेरा एहसास मौजूद है,
हो जाएगा राख इक दिन ये जुल्फिकार भी वो बेखबरों की तरह मुझे हरफों मे ढूँढते रेह जाएँगे.

Thursday, January 14, 2016

हमारे खयालों मे तु आना छोड़ दे,
युं झूठी मोहब्बत मे फ़साना छोड़ दे,
ग़र देने ही हैं हमे आँसु ऐ ज़ालिम,
तो तु भी अब से मुस्कुराना छोड़ दे.

Wednesday, January 13, 2016

रुसवा हुआ जो वो हम से कभी हम ने मुस्कुराना छोड़ दिया,
बेह न जाए वो अस्कों मे कहीं हम ने तन्हाइयों मे आँसु बहाना छोड़ दिया,
वो बेवफ़ा था मगर हम ने नही सिखा सबक़ बेवफाई का हर्गिज़,
दिल मे बसा के उसकी यादों को अब हम ने दिल लगाना छोड़ दिया.

Tuesday, January 12, 2016

ज़हन मे बुनते खयालों को उधेड़ गया कोई,
आज फिर नज़रें मिला कर दिल के तार छेड़ गया कोई.

Monday, January 11, 2016

ज़माने भर की रुसवाई मिली,
दुनिया की भीड़ मे भी तन्हाई मिली,
रो रहा है जुल्फिकार अपनी क़िस्मत पे आज,
मोहब्बत भी की तो बेवफ़ाई मिली.

Sunday, January 10, 2016

इश्क़ के समन्दर मे उतर के देखा,
अपने खालीपन को तुझ से भर के देखा,
धूँधली सी हो गइ है तेरी तस्वीर भी अब तो,
हम ने बार बार दिल के आइने को साफ़ कर के देखा.

Saturday, January 9, 2016

सफ़र इश्क़ का मुक़म्मल न हो पाया,
मैं उस से जुदा हो कर रात भर न सो पाया,
अस्क़ भी खुश्क़ हो गए मेरे दर्द की तपिश मे,
मैं चाह कर भी अपने हाल पर न रो पाया.

Friday, January 8, 2016

आज भी तेरे लौट आने की आस बाकी है,
मेरे दिल मे अब तक तेरा एहसास बाकी है,
युं तो ज़िंदा हो कर भी ज़िंदा नही हुं मैं तेरे बग़ैर,
पर अब भी मेरे इश्क़ मे कुछ साँस बाकी है.

Thursday, January 7, 2016

अस्क़ों मे छुपा के मैं ने अपने दिल का हाल रखा है,
आज भी ज़हन मे तेरा खयाल रखा है,
जलाया होगा शायद तुने हर खत मेरा,
मैं ने तो आज भी तेरा वो दिल सम्भाल रखा है.

Wednesday, January 6, 2016

तेरे दिल के रास्ते बंजर निकले,
मीठी बातों की आड़ मे खंजर निकले,
हम समझते रहे जिन्हे सैलाब ए इश्क़ आज तक,
दरअसल वो बेवफाई के समन्दर निकले.

Tuesday, January 5, 2016

वो मौत भी ग़वारी है मुझे जो आए भी तो आग़ोश मे तेरी,
तेरे आगे क्या वजूद है मेरा तु है तो क़ायनात ज़िंदा है मेरी.

Monday, January 4, 2016

किसी ने पुछा मुझ से कि दर्द ए दिल की दवा कहाँ मिलेगी,
मेरी निगाहें ज़ानिब ए मैखाना हो गईं.

Sunday, January 3, 2016

क़ुरेद ना ज़ख्मों को मेरे उन्हे राज़ रेहने दे,
दर्द तो होगा भूलाने मे मगर ये दर्द सेहने दे,
बसाई थी तस्वीरें कइ उस बेवफा की इन निगाहों मे,
ऐ नज़र आज उन तस्वीरों को अस्क़ों मे बेहने दे.

Saturday, January 2, 2016

जो यादों से कभी खत्म न हो ऐसा क़िस्सा है दोस्ती,
मेरी ज़िंदगी अधूरी है जिसके बिना वो हिस्सा है दोस्ती,
देखे हैं कइ रिश्ते वफ़ा की परत मे लिपटे हुए,
जो पानी सा साफ़ हो ऐसा रिश्ता है दोस्ती.

Friday, January 1, 2016

रोते हुए को हसाने वाले देखे हैं,
ग़ैरों को भी दिल मे बसाने वाले देखे हैं,
खुदगर्ज़ भी कुछ युं मिले हैं हमे राहे मोहब्बत मे,
कि खुदगर्ज़ी के लिये दिल लगाने वाले देखे हैं.