मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Sunday, May 26, 2019
प्यास
वो आज़ाद पंछी, मैं ठेहरा हुआ पानी
दो घूंट भर ही थी हमारी कहानी
Monday, April 15, 2019
अधूरे हम
ज़ख्म भर गए, मुक़म्मल हम न हो सके
मर्ज़ ए ज़िंदगी पे मरहम न हो सके
दिल रोया भी तो तन्हाई में इस लिए
कि ज़माने को ग़म का वहम न हो सके
Tuesday, April 9, 2019
सफ़र
नहीं मंज़िल में हुनर कि मुसाफ़िर तराश दे
ये रास्ते ही कसीदाकार लगते हैं
Sunday, March 10, 2019
खामोशी
मग़रूरियत गवार ना मसरूफ़ हुँ मैं
शायद तन्हा ही ज़माने से मेहफ़ूज़ हुँ मैं
अंदाज़ा नहीं जिन्हे मेरे दिल की गेहराइयों का
वो केहते हैं तकबुर में अभी चुप हुँ मैं
Tuesday, March 5, 2019
इशारे आँखों के
पढ़ता रहा बंद आँखों से उसे खुली आँखों से बयां करता रहा
बहाया भी आँखों से कभी तो कभी खुश्क आँखों में भरता रहा
Tuesday, August 7, 2018
काग़ज़ी इश्क़
इश्क़ काग़ज़ पर उतर गया है इस दीवाने से
मोहब्बत छिपती कहाँ है छिपाने से
ये तो बारिश है भीगा कर रहेगी
हमें भी मतलब है भीग जाने से
Wednesday, May 9, 2018
दिल का रौन्दना
कदमों में दिल बिछाएन्गे ये वादा जो कर लिया
उन्हे चीज़ों को रौन्दने की आदत सी हो गई
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