मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
Search Any Post From This Blog
Tuesday, August 25, 2015
ये तेरी चाल को क्या हुआ ऐ दिल कि तु कभी लडखडाया न था,
दोस्ती के हाथ तो लाखों बढाए पर कभी प्यार का कदम बढाया न था,
उसे मिल के जाना मैने कि क्या होता है सुरूर इश्क का,
क्युंकि आज तक सबक इश्क का किसी ने पढाया न था.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment