मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Tuesday, August 18, 2015
तुम आए तो ज़िंदगी मे बहार आइ है,
तन्हाई का आलम था जहाँ आज वहाँ रंगीनी छाई है,
कभी किस्मत पे यक़ीन न था मुझे,
पर शायद मेरी किस्मत ही मुझे यहाँ खींच लाइ है.
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