Search Any Post From This Blog

Wednesday, September 30, 2015

वो चालाक ज़रूर थी पर नही जानते थे कि होगी वो इतनी शातिर,
दिल तो चुराया ही था हमारा पर आँसु भी न छोडे रोने की खातिर.

Tuesday, September 29, 2015

दिल थम गया साँसें भी रुक गइं न जाने क्या जान की आफत हो गइ,
खोया रेहता हुं खयालों मे किसी के लगता है कि मुझे भी मोहब्बत हो गइ.

Monday, September 28, 2015

भले ही वो कुछ कहे या न कहे आंखें उसकी ये इज़हार करती हैं,
कि उसे हम से मोहब्बत है कितनी इस बात का इक़रार करती हैं,
नज़रें तो हमारी भी दीवानी हो गइ हैं मोहब्बत मे ऐ जुल्फिकार,
जो उसी के दीदार को चाहती हैं उसकी हर इक अदा से प्यार करती हैं.

Sunday, September 27, 2015

तुम तो वो बला हो जो पानी को भी शराब कर दे,
अरे तुम्हारा युं देखना किसी की नियत न खराब कर दे.

Saturday, September 26, 2015

दर्द तो बहुत हुआ जब तुने हमारा दिल तोड़ दिया,
जब तक चाहा इश्क लड़ाया फिर बाद मे मुँह मोड़ दिया,
पेहले तो बहुत जगाया तुने हमे नींदों मे आकर,
पर अब हम ने भी तेरे ख्वाब देखना छोड़ दिया.

Friday, September 25, 2015

तेरी ये क़ातिलाना नज़रें क़त्ल सरेआम करती हैं,
एक ही नज़र मे हज़ारों को घायल करने का काम करती हैं,
इन्हे क्या खौफ़ हो सकता है किसी बदनामी का,
ये तो शरिफों को भी छिछोरा बना कर बदनाम करती हैं.

Thursday, September 24, 2015

तुझे ख्वाब कहुं या हक़ीक़त तेरी हर इक अदा नायाब है,
तेरा चेहरा जैसे कमल कोई तेरे होंठ जैसे गुलाब है,
लगता है कि खुदा ने भी बडी फुरसत से बनाया होगा तुझे,
शायद तु ही मेरे दिल के हर सवालों का जवाब है.

Wednesday, September 23, 2015

आज आंखें नम हैं मेरी और शायद नमी उसकी आंखों मे भी होगी,
फर्क सिर्फ इतना है कि मैं रो रहा हुँ और वो मुस्कुरा रही होगी.

Tuesday, September 22, 2015

तेरी आंखें हैं या जाम कोई जिन्हे पीने को जी करता है,
बना के तुझे अपनी ज़िंदगी फिर जीने को जी करता है.

Monday, September 21, 2015

हम आज भी वहीं बैठे हैं उसके इंतज़ार मे,
मिलेगी तब पुछुँगा क्युँ धोखा दिया हमे प्यार मे.

Sunday, September 20, 2015

कभी हम डूबे थे तेरी आंखों को झील समझ कर पर हासिल न हुआ कुछ उनमे,
आज जा रहे हैं डूबने इस समुन्दर मे शायद मौत ही हासिल हो जाए इस धून मे.

Saturday, September 19, 2015

मत बन किसी का रब मत खेल किसी के जज़्बातों से,
मत तोड़ किसी का दिल पेहले लुभा के मीठी बातों से,
आज हम पे क्या गुज़र रही है ये तु नही जानता शायद,
पर याद रखना कभी तु भी गुज़रेगा इन हालातों से.

Friday, September 18, 2015

मेरे दिल की हर धड़कन मे तेरा ही अक्स है,
जिसे ढूँढती है मेरी निगाह शायद तु ही वो शख्स है.

Thursday, September 17, 2015

कभी हम ने भी बिछाए थे किसी के राहों मे फूल और उसने हमे काँटों पे सुला दिया,
हम बिना रोए सेहते रहे हर ग़म ज़िंदगी के और उसने दर्द ए दिल दे कर हमे रुला दिया,
जो कल तक हमे अपना सब कुछ मानते थे आज वो हम से मिलते हैं गैरों की तरह,
हम न भूला सके उसकी वो बेरुखी पर उसने पल भर मे ही हमारा प्यार भूला दिया.

Wednesday, September 16, 2015

घायल हम अकेले नही तेरे हुस्न के मारे और भी हैं,
जिन्हे दिखाया हो तुने झूठा प्यार ऐसे प्यारे और भी हैं,
सिर्फ शराब ही नही होती जीने का सहारा दर्द ए दिल मे,
ये तो लोग भूल गए हैं कि जीने के सहारे और भी हैं.

Monday, September 14, 2015

प्यार का नाम न ले क्युँकि तुझे प्यार करना नही आता,
जान तो ले ली हमारी मगर हम पे मरना नही आता,
जो जगह उस रब की खाली थी दिल मे वहाँ बसाया था तुझे,
पर अफ़सोस कि तुझे उस खाली जगह को भरना नही आता.

Sunday, September 13, 2015

तेरी नशीली आंखों के जाम पी कर कुछ युं लड़खडाए हैं,
कि चाह कर भी अब तक सम्भल न पाए हैं.

Saturday, September 12, 2015

युं न देखो इन क़ातिल निगाहों से हमे कि इनके वार दिल मे उतर जाते हैं,
ये सिर्फ हम ही जानते हैं कि हम किस तरह इनके वार सेह पाते हैं,
कभी हमारी नज़रों को गवारा नही था कि हम ख्वाब देखें किसी के,
अब ये हाल है हमारा कि हमे तो सिर्फ तुम्हारे ही ख्वाब नज़र आते हैं.

Friday, September 11, 2015

कुछ एहसास दिल मे जगते हैं कुछ बात ज़हन मे आती है,
लिखता हुं अल्फाज़ों मे उन्हे और शायरी बन जाती है.

Thursday, September 10, 2015

इश्क मेरा क़ूबुल न था उन्हे वरना मैं भी आशिक़ पुराना था,
दम कितना है मेरी मोहब्बत मे इसका गवाह तो सारा ज़माना था,
मुझे खो कर वो बेखबर ढूँढ रहे हैं मुझे आज मेरे ही शहर मे,
उन्हे शायद याद नही कि कभी मेरा भी उनकी गलियों मे आना जाना था.

Wednesday, September 9, 2015

तेरे इश्क मे खुद को इस कदर बरबाद कर दिया कि सारे हौसले टूट गए,
चले थे सारा शहर ले कर साथ मे हम अब तो काफिले भी पीछे छूट गए.

Tuesday, September 8, 2015

माँगा था तुझे उस रब से मैने मुरादों मे,
याद आता है तु दिल की हर फरियादों मे,
मुर्दा मान लिया तुझे जब तुने बेवफाई कि मुझ से,
आज मर कर भी ज़िंदा है तु मेरी यादों मे.

Monday, September 7, 2015

तेरे अक्स को अस्कों मे बहा दिया,
तु न रुला सकी तेरी यादों ने रुला दिया,
तुझे भूलना चाहा फिर भी न भूला पाए,
और तुने तो हमे पल भर मे ही भूला दिया.

Sunday, September 6, 2015

कभी आंखों मे नज़र आती हो कभी दिल मे उतर जाती हो,
जब भी याद आती हो न जाने मुझ पे क्या जादू सा कर जाती हो,
जब देखता हुँ तुम्हे ये मन मेरा नाच उठता है,
मेरे इस दिल को तुम खुशियों से भर जाती हो.

Saturday, September 5, 2015

वो क्या समझेंगे कि इश्क क्या होता है जिन्हे फुरसत नही बेवफाई से,
आज तन्हा कर दिया उन्हो ने हमे कभी वो भी वाक़िफ़ होंगे तन्हाई से.

Friday, September 4, 2015

दर्द इस बात का नही कि तु बेवफा निकली दर्द तो इस बात का है कि इन नज़रों ने धोखा दिया,
जिसे सिर्फ दिल तोड़ना आता था उसी से दिल लगा कर उसे दिल तोड़ने का मौका दिया.

Thursday, September 3, 2015

तुमने ज़ख्म दिया हमे फिर भी हम मुस्कुराते रहे,
दर्द कितना है दिल मे ये सारी दुनिया से छुपाते रहे,
तुमने प्यार कर के कोई एहसान नही किया था हम पे,
फिर क्युँ तुम सारी दुनिया के सामने हम पे एहसान जताते रहे.

Wednesday, September 2, 2015

तुम तो धोखा दे कर भूल जाओगी हमे पर तुम्हारी याद हमे बहुत तड़पाएगी,
जब कोई न होगा तुम्हे चाहने वाला तब तुम्हे हमारी मोहब्बत याद आएगी.

Tuesday, September 1, 2015

कल तक तुने हमे चाहा आज तुझे ज़रूरत नही हमारी,
तुने धोखा दिया हमे पर धोखेबाज़ी फितरत नही हमारी,
तुझ से इश्क किया शायद यही गलती की हम ने,
वरना एक बेवफा को चाहना आदत नही हमारी.