मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Thursday, September 24, 2015
तुझे ख्वाब कहुं या हक़ीक़त तेरी हर इक अदा नायाब है,
तेरा चेहरा जैसे कमल कोई तेरे होंठ जैसे गुलाब है,
लगता है कि खुदा ने भी बडी फुरसत से बनाया होगा तुझे,
शायद तु ही मेरे दिल के हर सवालों का जवाब है.
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