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Saturday, September 12, 2015

युं न देखो इन क़ातिल निगाहों से हमे कि इनके वार दिल मे उतर जाते हैं,
ये सिर्फ हम ही जानते हैं कि हम किस तरह इनके वार सेह पाते हैं,
कभी हमारी नज़रों को गवारा नही था कि हम ख्वाब देखें किसी के,
अब ये हाल है हमारा कि हमे तो सिर्फ तुम्हारे ही ख्वाब नज़र आते हैं.

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