मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Tuesday, December 8, 2015
याद है हमे वो तेरा मेहफिल मे आना,
भोली भाली सूरत बना कर दिल चुराना,
कभी दिल टूटा होता तब तुझे क़दर होती प्यार की,
क्या आदत है तेरी ये दिल लगा कर दिल तोड़ जाना.
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