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Monday, August 31, 2015

कभी कभी जो मुद्दतों मे नही होता वो सिर्फ एक पल मे हो जाता है,
सम्भाल कर रखना इस दिल को कभी कभी एक नज़र मे ही दिल खो जाता है.

Sunday, August 30, 2015

जब उसे देखता हुं तो दर्द इस दिल मे होता है,
जब जब उसकी याद आती है ये दिल रोता है,
मुझे नींद नही आती उसकी बेवफाई को याद कर के,
और वो है कि मुझे रुला कर खुद चैन की नींद सोता है.

Saturday, August 29, 2015

इस बेदर्दी दुनिया ने पत्थर दिल बना दिया,
सेह सकुँ हर सितम इस क़ाबिल बना दिया.

Friday, August 28, 2015

दर्द ए दिल वही समझ सकते हैं जिनके सीने मे दिल होता है,
उनसे क्या उम्मीद करूँ समझने की जो खुद पत्थर दिल होता है.

Thursday, August 27, 2015

कभी सोचा न था कि ज़िंदगी मे ऐसा मोड़ आएगा,
कोई आएगा दिल मे धड़कन बनकर और दिल तोड़ जाएगा.

Wednesday, August 26, 2015

दवा तो हर मर्ज की होती है पर दर्द ए दिल की कोई सिफ़ा नही,
दगा तो लाखों ने किया पर तुझसा कोई बेवफा नही.

Tuesday, August 25, 2015

ये तेरी चाल को क्या हुआ ऐ दिल कि तु कभी लडखडाया न था,
दोस्ती के हाथ तो लाखों बढाए पर कभी प्यार का कदम बढाया न था,
उसे मिल के जाना मैने कि क्या होता है सुरूर इश्क का,
क्युंकि आज तक सबक इश्क का किसी ने पढाया न था.

Monday, August 24, 2015

ज़िंदगी का मतलब होता है औरों के लिये जीना पर हम तो औरों के लिये मरना चाहते हैं,
आज तक नही देखा किसी लडकी को आंख उठा कर पर अब हम भी किसी से मोहब्बत करना चाहते हैं.

Sunday, August 23, 2015

कल की चाहत नही है हमे हम तो आज मे जीते हैं,
ज़िंदगी को एक बार मे नही कतरा कतरा पीते हैं.

Saturday, August 22, 2015

कभी कभी झूठा प्यार भी बहुत काम आता है,
झूठा ही सही किसी के लब पे हमारा नाम आता है.

Friday, August 21, 2015

तेरी नशीली आंखों के जाम पीने दे,
कुछ अजीब नशा है इनमे इस नशे मे ही जीने दे,
युं तो फटी पडी थी किस्मत मेरी बरसों से,
तेरी तक़दीर के धागे से मेरी किस्मत को सीने दे.

Thursday, August 20, 2015

तुझे एक नज़र देखते ही मैं दीवाना हो गया,
शायर न था मैं पर तेरे इश्क मे अंदाज़ शायराना हो गया,
पेहले तो हर मौसम लगता था एक सा मुझे,
अब तो सारा आलम ही आशिक़ाना हो गया.

Wednesday, August 19, 2015

मैं हुं मुसाफिर कोई मेरी मंज़िल तु है,
मैं हुं बेहती नदी मेरा साहिल तु है.

Tuesday, August 18, 2015

तुम आए तो ज़िंदगी मे बहार आइ है,
तन्हाई का आलम था जहाँ आज वहाँ रंगीनी छाई है,
कभी किस्मत पे यक़ीन न था मुझे,
पर शायद मेरी किस्मत ही मुझे यहाँ खींच लाइ है.

Monday, August 17, 2015

क्युँ तुझे देखने को आंखें तरसती हैं क्युँ तेरे दीदार को दिल चाहता है,
आइना कोई भी हो हर आइने मे तेरा चेहरा नज़र आता है.

Sunday, August 16, 2015

कभी तारीफ़ करते थकते न थे हम उनकी कि हर तारीफ़ दिल से करते थे,
आज जुदा हो गए उनसे कभी बिछड़ने के खयाल से ही डरते थे.

Saturday, August 15, 2015

आंखें हैं तेरी नशीली तो दिल हमारा भी शराबी है,
युं पीना आदत नही हमारी ये तो कमबख्त इश्क की खराबी है.

Friday, August 14, 2015

ये इश्क का खेल भी क्या निराला है,
कभी आंखें हो जाती हैं मैखाना तो कभी हाथों मे शराब का प्याला है.

Thursday, August 13, 2015

दिल है मेरा कोई खिलौना नही जो खेला और तोड़ दिया,
प्यार है मेरा कोई हवा का झोंका नही जो जब चाहे रुख मोड़ दिया,
सोचा था कि सारी ज़िंदगी का सफ़र तेरे साथ तय करेंगे,
ये ज़िंदगी है मेरी कोई मज़ाक नही जो बिच सफ़र मे ही साथ छोड़ दिया.

Wednesday, August 12, 2015

युं तो कभी रोए न थे हम तुने बहुत रुलाया है,
ज़िंदगी ने तो सिर्फ बदन जलाया मेरा तुने तो दिल जलाया है.

Tuesday, August 11, 2015

आज भी दिल का दरवाज़ा खोल रखा है कि तु कभी लौट के आएगी,
तब न जाने दूँगा तुझे भले ही मेरी जान चली जाएगी.

Monday, August 10, 2015

जब से देखा तुझे नींद मेरी हवा हो गई,
मैं मरीज़ हो गया इश्क का और तु मेरी दवा हो गई.

Sunday, August 9, 2015

तु सिर्फ दोस्त थी मैं दिलदार समझ बैठा,
तेरे शरमाने को मैं इकरार समझ बैठा,
गलती मेरी ही थी ऐ जान ए तमन्ना,
जो तेरे मुड़ मुड़ के देखने को मैं प्यार समझ बैठा.

Saturday, August 8, 2015

प्यार बहुत था उनसे पर प्यार कितना है ये बता न सके,
वो सिखा गए बेवफाई का सबक अफ़सोस हम उन्हे प्यार करना सिखा न सके.

Friday, August 7, 2015

तु परदा करती रही और हम न जान सके,
परदे की आड़ मे तेरी हक़ीक़त न पेहचान सके.

Thursday, August 6, 2015

युं तो डरते हैं प्यार करने से कि कहीं बरबाद न हो जाएँ,
पर कहीं ये भी चाहते हैं कि कोई हमारा दिल चुरा ले जाए.

Wednesday, August 5, 2015

पतंग तो एक बहाना है उससे छत पे मिलने का पेच तो दो आंखें लडाती हैं,
मैं तो पतंग उडाता हुं डोरी से बाँध कर वो बिना डोरी के ही दिल उडा ले जाती है.

Tuesday, August 4, 2015

युं तो देर से उठने की आदत नही है हमे पर तेरी यादें रात भर सोने नही देती,
बेचैनी तो इतनी है कि आंखों से अस्क बेह जाएँगे पर तेरी यादें ही हैं जो हमे रोने नही देती.

Monday, August 3, 2015

दर्द ए दिल का छुपाना याद है,
और मेरा वो झूठा मुस्कुराना याद है.

Sunday, August 2, 2015

तुझे याद करते ही आंख मे आँसू भर आते हैं,
उन्हे छुपाने के लिये ही तो हम चस्मा लगाते हैं.

Saturday, August 1, 2015

इश्क तो बहुत है लेकिन इज़हारे इश्क से डरते हैं,
कैसे बताएँ उन्हे कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं.