मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Sunday, December 20, 2015
तुझे खुदा मान कर हम ने इबादत की थी,
तेरे खातिर सारी क़ायनात से बग़ावत की थी,
तुने बेवफाई कर के कौन सी मिशाल क़ायम कर दी मोहब्बत की,
फिर भी तु केहती है कि मैं ने मोहब्बत की थी.
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