मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
Search Any Post From This Blog
Saturday, February 27, 2016
हर दर्द की इन्तहा से गुज़र चुका हुं मैं,
दलदल ए बेवफाई मे उतर चुका हुं मैं,
केहते हैं लोग कि खाली नही दिल मेरा मोहब्बत के लिये,
वो क्या जाने कि कितने ज़ख्मों से भर चुका हुं मैं.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment