Search Any Post From This Blog

Saturday, February 13, 2016

मोहब्बत मे दर्द ए दिल का सेह जाना ही सही है,
तेरी याद मे अस्क़ों का बेह जाना ही सही है,
तु ही तु बसी थी अब तक मुझ मे ऐ बेवफ़ा,
मुझ मे अब मेरा कुछ रेह जाना ही सही है.

No comments:

Post a Comment