जहाँ ख़त्म होता हुं मैं वहाँ से तुम्हारी शुरुआत होती है
नही गुज़रता दिन तुम्हारे बिना न तुम बिन मेरी रात होती है
अब तो ख़ामोश नही रेहता दिल मेरा खामोशियों में ऐ सनम
कि मेहफ़िल ऐ तन्हाई मे भी हर पल तुम्हारी बात होती है
नही गुज़रता दिन तुम्हारे बिना न तुम बिन मेरी रात होती है
अब तो ख़ामोश नही रेहता दिल मेरा खामोशियों में ऐ सनम
कि मेहफ़िल ऐ तन्हाई मे भी हर पल तुम्हारी बात होती है
No comments:
Post a Comment