हर अस्क़ तेरा अपनी आंखों से बहा दुँगा
हर शाम तेरी सितारों से सज़ा दुँगा
न होने दुँगा कभी अन्धेरा तेरी ज़िंदगी में
रौशन करने को तेरी ज़िंदगी मैं अपना दिल भी जला दुँगा
हर शाम तेरी सितारों से सज़ा दुँगा
न होने दुँगा कभी अन्धेरा तेरी ज़िंदगी में
रौशन करने को तेरी ज़िंदगी मैं अपना दिल भी जला दुँगा
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