दास्तान ए मोहब्बतका अल्फाज़ हो जाऊँ
तेरी बेबसी मे जीनेका अंदाज़ हो जाऊँ
हर मुस्किल मे तु जुल्फीको अपने पास पाएगा
मुमकिन नही मैं तुझसे युं नाराज़ हो जाऊँ
तेरी बेबसी मे जीनेका अंदाज़ हो जाऊँ
हर मुस्किल मे तु जुल्फीको अपने पास पाएगा
मुमकिन नही मैं तुझसे युं नाराज़ हो जाऊँ
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