मेहफ़िल ए दिल
दिल - दर्द - मेहफ़िल
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Sunday, October 15, 2017
मोहब्बत ने मोहब्बत को आज़माया
मोहब्बत ने मोहब्बत को आज़माया कुछ इस क़दर
शोर ए दीवानग़ी पर तन्हाई का क़हर ढाया कुछ इस क़दर
धड़क़नें भी रूक सी गई हैं उसके चले जाने से
उसे हम ने था दिल मे अपने बसाया कुछ इस क़दर
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