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Saturday, February 25, 2017

इन्तहा मोहब्बत की

वो इन्तेज़ार ए यार करते रहे ताउम्र
हर आहट पे दिल बेक़रार करते रहे ताउम्र
इन्तहा ए मोहब्बत क्या बयाँ करूँ जुल्फी
इक़ तरफ़ा ही सही मग़र वो प्यार करते रहे ताउम्र

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